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Showing posts from 2013

केजरीवाल ‘कांग्रेस’ की काट कैसे करेंगे ?

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दिल्ली के चुनावी मैदान में दिग्गजों को पछाड़कर 28 सीटों को पाने वाली आम आदमी पार्टी की नैया मझधार में फंसी थी तो केजरीवाल की टीम ने अपनी मझधार में फंसी नैया को पार लगाने के लिए जनता की रायशुमारी की डोर को थामा और केजरीवाल की इस अदा और सादगी ने जनता के दिल को लूट लिया और आज कई चुनौतियों को पार करके केजरीवाल की ताजपोशी होने जा रही है जिसमें देश के इतिहास में पहली बार जनता भी भागीदार रहेगी इस उम्मीद के साथ की केजरीवाल की सरकार बनते ही उसके दुःख दर्द दूर होंगे... कहते हैं न कि जब बेशक चारों तरफ से ठोकर मिली हो फिर भी एक उम्मीद की किरण दिए को दोबारा रोशन कर सकती है दिल्ली को केजरीवाल के रूप में वही दिया दिखाई दे रहा है जो दिल्ली को रोशन करने की मन में ठान कर आया है और आज जनता की उसी किरण यानि कि केजरीवाल की ताजपोशी है भले ही वो अल्पमत में हो लेकिन जनता की उम्मीद की डोर थामे हुए है अब हर किसी को इंतज़ार है बस ताजपोशी के तय समय 12 बजे का... जब एक नई तरह की राजनीति की शपथ केजरीवाल और उनकी पार्टी की तरफ से ली जाएगी नई राजनीति इसलिए क्योंकि ये आम आदमी की सरकार है नई राजनीति इसलिए क्योंकि य...

‘आप’ के सहयोगी डरेंगे पर आहें नहीं भरेंगे !

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दिल्ली की सियासत को झकझोर कर रख देने वाले अरविंद केजरीवाल जिन्होंने सत्ता के बारे में चली आ रही कहावतों को ऐसा तोड़ दिया है कि सारी बड़ी सियासी पार्टियों के होश फाखते रह गए हैं... कहते हैं कि जब हौंसले बुलंद हों तो कांटों पर से गुज़रने में डर नहीं लगता कुछ ऐसा ही अरविंद केजरीवाल ने किया है और धुरंधर नेताओं को सबक सिखाते हुए 17 महीने में ही दिल्ली की सत्ता को आम आदमी के हाथों में सौंप दिया.. जनता त्रस्त थी कभी बीजेपी को लाकर तो कभी कांग्रेस को लाकर लेकिन जब उसे एक विकल्प मिला तो उसने भी दिखा दिया कि वो उन सभी दकियानूसी बातों को दूर कर देगी जिनको कभी सत्ता के ठेकेदारों ने सोचा भी नहीं होगा कि दिल्ली की उम्मीद से जन्मे अरविंद केजरीवाल अब देश में परिवर्तन की दहलीज कहे जाने वाले रामलीला मैदान से 28 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं और वे इसके साथ ही एक नया इतिहास भी रच देंगे... इतिहास इसलिए भी रचेगा कि कभी राजनीतिक पार्टियों ने ये सपने में भी नहीं सोचा होगा कि एक पार्टी ज़मीन से उठकर इतनी जल्दी आसमान पर बैठ जाएगी और नेताओं के सिर पर भी सवार होकर नाचेगी ... क्योंकि अब तक पार्...

सोच कर ये मेरी आंखों से पानी फूट पड़ता है...

छोड़ कर अपना देश हम कहां आ गए हैं दूर होने के ख्वाब से दिल सहम उठता है खो न जाए हम बीच बाज़ार में कहीं पर सोच कर ये मेरी आंखों से पानी फूट पड़ता है जो लोग कभी पलकों से हमें उतरने नहीं देते थे आज हम जाते हैं तो मेहमान नवाजी करते हैं कहीं खो न जाए वो प्यार उन आंखों के झरोखों से सोचकर ये मेरी आंखों से पानी फूट पड़ता है याद है हमें उंगली पकड़कर घूमते थे हम बड़े हो गए अब हाथ पकड़कर रो भी नहीं सकते अगर रो दिए तो दिल के कई बांध टूट जाते हैं सोचकर ये मेरी आंखों से पानी फूट पड़ता है कौन कहता है कि वक्त के मारे हैं हम हमें तो वक्त ने ही किस्मत के सहारे फेंक दिया है कैसे इस दिल को बताएं कि पास है सब मेरे सोचकर ये मेरी आंखों से पानी फूट पड़ता है याद आती है जब तो देख लेते हैं तस्वीरें दिल से लगाते हैं तो दि ल भी पूछ लेता है छोड़ कर अपना देश हम कहां आ गए हैं सोच कर ये मेरी आंखों से पानी फूट पड़ता है  Written by –  shashank gaur Shashank.gaur88@gmail.com

रूठा अगर मैं तुझसे तो इस कदर रुठूंगा.....

रूठा अगर मैं तुझसे तो इस कदर रुठूंगा कि तेरे शहर की मिट्टी मेरे वजूद को तरसेगी मैं चाहकर भी तेरा अब हो न पाउंगा मेरी रूह भी अगर अब तेरे प्यार को तरसेगी मैं वो नाव का किनारा हूं जिसे जरूरत तो है तेरी मैं उस किनारे पर नहीं जाउंगा जहां वजूद तेरा होगा इसे समझना न गुरूर मेरा न समझना इसे बेदर्दी मैं कहूंगा इसे इतना कि मेरे प्यार की है गल्ती एतबार किया मैंने मगर थक कर तूम मुझे भुलादोगे मैं मुश्किल से भुला पाउंगा ये मेरे प्यार की है गल्ती कहना तो मैं चाहता था पर कुछ सोचकर रुक गया क्योंकि धड़कते दिल की भी कोई जुबां नहीं होती चाहता था तू मेरी होगी और मैं तेरा बनके दिखा उंगा ऐसा हो न पाया ये किस्मत मैं समझ लूंगा रूठा अगर मैं तुझसे तो इस कदर रुठूंगा कि तेरे शहर की मिट्टी मेरे वजूद को तरसेगी Written  by – shashank gaur Shashank.gaur88@gmail.com

पटना भूल, शिंदे ने दिखाई रज्जो की “दीवानगी”

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पटना में एक के बाद एक सीरियल ब्लास्ट हुआ और मोदी की हुंकार रैली में मोदी को मारने की साजिश रची गई धमाके में छः लोग मारे गए और 83 लोग घायल हो गए लेकिन हमारे देश के गृह मंत्री साहब ने सिर्फ ब्लास्ट की सूचना लेना ही मुनासिब समझा और पहुंच गए एक नई फिल्म रज्जो के म्यूजिक लॉंच पर...   देश पटना धमाकों के बाद गुस्से में था और गृह मंत्री शिंदे फिल्म रज्जों के म्यूजिक समारोह में गानों की धुनों में डूबे थे... इतना ही नहीं जब पटना में बम धमाके हो रहे थे तो देश के गृह मंत्री फिल्म के म्यूजिक लॉच में इतने मशगूल थे कि उन्होंने फिल्म की अभिनेत्री कंगना रनाउत के लिए करीब 40 मिनट तक इंतज़ार भी किया... गृह मंत्री के इंतज़ार करने का आपको कारण भी बता दें कि दरअसल शिंदे तो म्यूजिक लांच में समय से पहले पहुंच गए थे लेकिन कंगना 40 मिनट की देरी से पहुंची तो कंगना के देरी से आने पहुंचने पर गृहमंत्री आगबबूला नहीं हुए बल्कि कंगना की तारीफ में गृह मंत्री ने खूब कसीदे भी पढ़े तो ज़ाहिर है कि कंगना की फिल्म का म्यूजिक लॉच करवाना बेहद ज़रूरी था अब सवाल उठता है कि देश के गृह मंत्री की जिम्मेदारी सिर्फ इतनी ...

मोदी की ‘हुंकार’ से बिहार में 7 "धमाके"

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कहते हैं जब दोस्त दुश्मनी में बदल जाता है तो वो दुश्मन तो होता ही है लेकिन कहीं न कहीं दबी दबी ज़ुबान में थोड़ा सा याराना भी दिखाई देता है कुछ ऐसा ही नज़ारा पटना में मोदी की “ हुंकार ” रैली   में देखने को मिला... जहां पर मोदी ने अपने भाषण में हुंकार तो भरी लेकिन कहीं न कहीं नीतीश से याराना टूटने की टीस भी दिखाई दी और दुश्मनी का फर्ज निभाते हुए मोदी ने नीतीश सरकार पर खूब जमकर हमला भी बोला... मोदी ने दोस्ती तोड़ने का हिसाब चुकता करते हुए जेडीयू को कठघरे में खड़ा कर मौकापरस्त होने का आरोप भी लगा दिया... और रही कसर पूरी कर दी मोदी के आने से पहले हुए सात सीरीयल ब्लास्टों ने... जिसके चलते जेडीयू बीजेपी की ताजा दुश्मनी में एक और खाई खिंच गई.. इन बम धमाकों में पांच लोग मारे गए और 75 लोग घायल हो गए... बताया गया कि बमों में टाइमर लगे थे अब सवाल उठता है कि इस टाइमर को मोदी की रैली के टाइम पर ही क्यों लगाया गया... क्या ये बम राष्ट्रपति के बिहार दौरे पर भी फटते जो 27 अक्टूबर तक था लेकिन एक दिन पहले ही खत्म था... इन बम धमाकों में कहीं न कहीं राजनीतिक षड़यंत्र की बू आती है तो चुनावी शतरंज क...

तीखी बात : चुनाव की “किचकिच” में नरेश “जी” की फिसली ज़ुबान

तीखी बात : चुनाव की “किचकिच” में नरेश “जी” की फिसली ज़ुबान : कहते हैं कि एक बार जुबान फिसल जाए तो उसके शब्द वापस नहीं होते लेकिन नेताओं पर ये जुमला काम नहीं करता और जब खासकर चुनाव की किचकिच बढ़...

चुनाव की “किचकिच” में नरेश “जी” की फिसली ज़ुबान

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कहते हैं कि एक बार जुबान फिसल जाए तो उसके शब्द वापस नहीं होते लेकिन नेताओं पर ये जुमला काम नहीं करता और जब खासकर चुनाव की किचकिच बढ़ी हो तो अक्सर नेताओं की जुबान भी उस पर फिसलने लगती है कुछ ऐसी ही बदजुबानी की है सपा के महासचिव नरेश अग्रवाल ने... जो मोदी पर जुबानी हमला बोलने के चक्कर में अपनी मर्यादा ही भूल गए... जल्दी जल्दी में नरेश अग्रवाल ने इतनी घटिया बयानबाजी की.. कि हम वो आपको बता भी नहीं सकते नरेश अग्रवाल ने मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस बीजेपी में शादी का चलन ही नहीं है वो परिवार का मतलब क्या समझेगी.. वहीं उन्होंने जल्दी जल्दी में मोदी के कुंआरे होने पर भी कई जुमले कस दिए और मोदी पर टिप्पणी करते करते वो इतने आगे बढ़ गए कि महिलाओं पर भी अभद्र टिप्पणी कर गए.. जिसको लेकर अब महिला आयोग काफी सख्त हो गया है और महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने नरेश अग्रवाल को नोटिस भेजने की बात भी कह दी है वहीं अब जब मोदी पर नरेश अग्रवाल ने हमला बोला है और बोलने के बाद वो खुद ही अपने बयान में फंस गए हों तो भला बीजेपी के नेता कैसे चुप बैठ सकते हैं... नरेश अग्रवाल के आपत्तिजनक बयान के बाद ...

लो निकल आईं “सपने” की खुदाई में लोहे की कीलें !

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उन्नाव जिले के डौड़िया खेड़ा गांव में सोने की खोज आठ दिनों से चल रही है लेकिन वहां अभी तक सोने का एक सिक्का तक नहीं निकला... खुदाई में कुछ निकला है तो सिर्फ चुड़ियों के टुकड़े, लोहे की कीलें और मिट्टी के चूल्हे ... एएसआई के अधिकारी कह रहे हैं कि हम ये खुदाई सोने के लिए नहीं बल्कि ऐसी ही पुरातात्विक चीजों के लिए कर रहे हैं साथ ही एएसआई का ये भी कहना है खुदाई में निकल रही चीजें आम आदमी के काम की न हों लेकिन एएसआई के लिए बहुत काम की हैं.. लेकिन अब सवाल उठता है कि संत शोभन सरकार के उस सपने का क्या जो खुदाई का आधार बना था और उस सपने की वजह से अंधविश्वास इतना बढ़ा कि डौड़िया खेड़ा गांव में मेले जैसा मजमा लग गया.. और लोग बाबा के सपने में दिखे 1000 टन सोने को निकलता देखने के लिए दूर दूर से आने लगे... साथ ही मीडिया का जमावड़ा भी बढ़ने लगा। जिसकी वजह से वहां धारा 144 लगा दी गई.. लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी ज़मीन ने अभी तक सोना नहीं उगला.. हालांकि बाबा के समर्थक अभी भी सोने की उम्मीद तो लगाए बैठे हैं लेकिन कहीं न कहीं अब हिचक भी रहे हैं.. क्योंकि पहले ही इतना बखेड़ा खड़ा हो चुका है औ...