पटना भूल, शिंदे ने दिखाई रज्जो की “दीवानगी”
पटना में एक के बाद
एक सीरियल ब्लास्ट हुआ और मोदी की हुंकार रैली में मोदी को मारने की साजिश रची गई
धमाके में छः लोग मारे गए और 83 लोग घायल हो गए लेकिन हमारे देश के गृह मंत्री
साहब ने सिर्फ ब्लास्ट की सूचना लेना ही मुनासिब समझा और पहुंच गए एक नई फिल्म
रज्जो के म्यूजिक लॉंच पर... देश पटना
धमाकों के बाद गुस्से में था और गृह मंत्री शिंदे फिल्म रज्जों के म्यूजिक समारोह
में गानों की धुनों में डूबे थे... इतना ही नहीं जब पटना में बम धमाके हो रहे थे
तो देश के गृह मंत्री फिल्म के म्यूजिक लॉच में इतने मशगूल थे कि उन्होंने फिल्म
की अभिनेत्री कंगना रनाउत के लिए करीब 40 मिनट तक इंतज़ार भी किया... गृह मंत्री
के इंतज़ार करने का आपको कारण भी बता दें कि दरअसल शिंदे तो म्यूजिक लांच में समय
से पहले पहुंच गए थे लेकिन कंगना 40 मिनट की देरी से पहुंची तो कंगना के देरी से
आने पहुंचने पर गृहमंत्री आगबबूला नहीं हुए बल्कि कंगना की तारीफ में गृह मंत्री
ने खूब कसीदे भी पढ़े तो ज़ाहिर है कि कंगना की फिल्म का म्यूजिक लॉच करवाना बेहद
ज़रूरी था अब सवाल उठता है कि देश के गृह मंत्री की जिम्मेदारी सिर्फ इतनी थी कि
वो राज्य के सीएम नीतीश कुमार से मामले की जानकारी ही लें या फिर कुछ और भी
जिम्मेदारी बनती थी.. लेकिन कांग्रेसी मंत्रियों की जिम्मेदारियों के चर्चे तो हम
पहले भी सुन चुके हैं और देश के दर्द पर मरहम लगाकर पार्टी में जाने की कांग्रेस
के नेताओं की पुरानी रवायत को भी देख चुके हैं कयोंकि आपको याद होगा जब पूरा देश
मुंबई ताज होटल में धमाकों के बाद हुई मौतों के गम में डूबा हुआ था तो देश के मंत्री
सुबोधकांत सहाय एक पांच सितारा होटल में हुस्न फैशन और ग्लैमर के नशे में चूर थे
और रैम्प पर चल रही मॉडल्स को देख रहे
थे... इतना ही नहीं मुंबई धमाकों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय विलास राव
देशमुख अपने बेटे की फिल्म की शूटिंग के लिए डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा को लेकर..
जल रहे ताज होटल में पहुंच गए थे.. जिसके बाद स्वर्गीय देशमुख को मुख्यमंत्री की
कुर्सी गंवानी पड़ी थी ये तो रही मुंबई की बात दिल्ली धमाकों के समय तत्कालीन
गृहमंत्री शिवराज पाटिल की चिंता धमाके कर रहे आतंकियों को पकड़ने के बजाए अपना
कोट बदलने की थी वो हर ब्लास्ट वाली जगह पर अलग अलग कोट में गए उन्होंने दो घंटे
में नौ सूट बदले जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा तो उन्हें भी अपनी कुर्सी से हाथ
धोना पड़ गया था अब पटना धामाकों के बाद शिंदे के म्यूजिक लांच कराने का मामला उठा
है तो गृह मंत्री शिंदे की सफाई भी आएगी और कांग्रेसी नेता शिंदे का बचाव भी
करेंगे लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या मंत्रियों की जिम्मेदारी सिर्फ इतनी है कि वो
सिर्फ फोन पर जानकारी लेकर मामले को भूल जाएं

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