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Showing posts from August, 2013

पाक ज़ख्म दे रहा है पर हम "अहिंसावादी" हैं !

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भारतीय सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से एक तो सीज़फायर का उल्लंघन रुक नहीं रहा है सोमवार को पाकिस्तान ने पूरे दिन सीज़फायर का उल्लंघन किया लेकिन पाकिस्तान अपनी गल्ती मानने के बजाए पहले चोरी फिर सीना ज़ोरी भी दिखाने से भी बाज नहीं आ रहा है आप पाकिस्तान की घुड़की और दबंगई तो देखिए पाकिस्तान ने सोमवार को भारतीय दूतावास के हाईकमिश्नर गोपाल वाग्ले को बीएसएफ के जवानों द्वारा तोड़े गए युद्धविराम पर अपना विरोध दर्ज करने के लिए बुला लिया। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि बीएसएफ द्वारा की गई फायरिंग में रावलकोट में एक नागरिक की मौत हो गई इस दौरान पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग को वर्ष 2003 में हुए समझौते की भी याद दिलाई उधर खबरें तो ये भी हैं कि पाकिस्तान भारत से अपने उच्चायोग को भी वापस बुलाने पर विचार कर रहा है साथ ही पाक ने साफ किया है कि अगर सीमा पर युद्धविराम का उल्लंघन होता है तो पाकिस्तान भी करारा जबाव देने में पीछे नहीं हटेगा और भारत अभी तक शांति की ही बात कर रहा है भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त आराम से बैठा है और भारत की राजनीतक लड़ाईयों का लुत्फ ले रहा है वहीं सूत्रों की माने तो पाकिस्तान भार...

कई सालों से दाऊद को पाल रहा था पाक

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पाकिस्तान का अब एक और झूठ एक बार फिर विश्व के सामने है   जिसमें पाक ने पहली बार अब खुद कबूला है कि दाउद इब्राहिम पाकिस्तान में ही रहता था इससे पहले वो हमेशा कहता रहा है कि वो पाकिस्तान में नहीं रहता है आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पाकिस्तान कितना झूठा है उस पर भारत कैसे विश्वास कर सकता है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज हुसैन के विशेष राजदूत शहरयार खान ने ये माना है कि पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम रहता था हालांकि अब उसे पाकिस्तान से खदेड़ दिया गया है लेकिन जब शहरयार खान से ये पूछा गया कि अब दाऊद इब्राहिम कहां है तो उन्होंने कहा कि वो अब संयुक्त अरब अमीरात यानि की दुबई में होगा जिसके बाद फिर एक पत्रकार ने उनसे पूछा अगर दाऊद पाकिस्तान में ही कहीं छिपा हुआ हो तो वे क्या करेंगे जिस पर उन्होंने कहा कि अगर वो पाकिस्तान में है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा विशेष राजदूत शहरयार खान का ये बयान कितना विरोधाभासी है इसका अंदाजा तो इस बात से ही लग जाता है कि पहले तो वो कहते हैं कि दाऊद को पाकिस्तान से खदेड़ा जा चुका है और फिर बाद में कहते हैं कि वो पाकिस्तान में है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएग...

पाक फिर नहीं माना कि गल्ती उसकी है....

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देश मंगलवार से पाकिस्तान की काली करतूत पर आगबबूला हो रहा है और शहीदों की शहादत पर श्रद्धांजली दे रहा है लेकिन विपक्ष के दो दिन तक तीखे हमले करने के बाद ए के एंटनी साहब को गुरुवार को याद आया कि ये हमला पाकिस्तानी सेना ने ही किया था पाकिस्तानी सेना की ड्रेस पहनकर कोई आतंकवादी नहीं आए थे और इस हमले में पाकिस्तान सेना की स्पेशल टुकड़ी शामिल थी जिसमें पांच भारतीय जवान शहीद हुए हैं रक्षा मंत्री ने अपने पहले बयान से यूटर्न तो ले लिया लेकिन उनकी इस भूल पर सवाल तो उठेंगे ही और उठ भी रहे हैं कि रक्षा मंत्री को पहले ही दिन ये बात क्यों नहीं पता लगी कि इस हमले में पाकिस्तान का ही हाथ है क्या ये देश की सेना और रक्षा मंत्री में कॉर्डिनेशन की कमी को दिखाता है या फिर कुछ और सांठगांठ है, सूत्रों की मानें तो एंटनी के पहले बयान को विदेश मंत्रालय का बयान बताया जा रहा है और कहा जा रहा है कि पाकिस्तान का नाम लेने से सितंबर में होने वाली मनमोहन सिंह और नवाज शरीफ की बैठक खटाई में पड़ जाती और भारत शांति की भीख नहीं मांग पाता... शर्म तो आनी ही चाहिए खैर विपक्ष के दबाव में या फिर गल्ती का एहसास होने पर र...

आंखों के आंसू बताएंगे कि देश क्या चाहता है

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पाकिस्तान ने देश की सीमा में घुसकर पांच सैनिकों की हत्या की तो देश की आवाम में उबाल देखने को मिला लेकिन उबाल नहीं दिखा तो सिर्फ देश की सरकार में देश का विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय अब भी पाकिस्तान के जबाव का इंतजार कर रहा है   और इंतजार कर रहा है पाकिस्तान के शांति प्रस्ताव का, जबकि पाकिस्तान ने इस हमले के ठीक एक दिन बाद फिर से सीज़फायर का उल्लंघन किया है इतना ही नहीं पांच जवानों की शहादत पर पाकिस्तान का ये बयान कि भारतीय सेना उसके क्षेत्र में घुस आई थी वाकई पाकिस्तान की नीयत में खोट दर्शाता है लेकिन देश की सरकार फिर भी चुप है जिन परिवारों ने अपने जाबांज बेटे खोए हैं कोई उनसे पूछे कि वो क्या चाहते हैं उस मां से पूछे जो अपने बेटे पर गर्व तो महसूस कर रही है लेकिन आंखें नम है तो सिर्फ इसलिए कि उसके बेटे की मौत का बदला कोई लेने वाला नहीं है वहीं बिहार की सरकार ने अपने राज्य के चार जवानों के परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता के साथ ही हर संभव मदद देने की बात कही है लेकिन एक शहीद के परिवार ने उसे वापस कर दिया ये कहकर कि उसे मुआवजा नहीं बदला चाहिए, इधर दिल्ली में जवानों को श्रद...

अब जवाब देंगे या फिर होगी सिर्फ जुबानी जंग ?

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देश में मानसून सत्र चल रहा है पहले से ही देश के कई अहम मुद्दों पर सियासत गर्माई हुई थी और एसे में सोमवार की रात पाकिस्तान ने एलओसी पर सीज़फायर का उल्लंघन कर एक बार फिर सियासत को गर्म कर दिया है पाकिस्तान के इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए हैं जिससे सरकार की विदेश नीति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है मुख्य विपक्षी दल इल हमले को सरकार की कमजोरी बता रहा है कुछ नेता कह रहे हैं कि अब समय जबावी कार्रवाई का है ताकि सेनाओं का मनोबल बना रहे   लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि पाकिस्तान सीज़फायर का उल्लंघन कर आखिर चाहता क्या है एक तरफ तो पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ भारत से शांतिवार्ता की बात करते हैं तो दुसरी तरफ उनकी सेना एक के बाद एक सीज़फायर का उल्लंघन करती है इस मुद्दे पर जब संसद गर्म हुई तो कई बहस छिड़ गई जिसमें आपत्तिजनक टिप्पणी भी देखने को मिली जब मणिशंकर अय्यर ने कहा कि इस मुद्दे को छोड़ देश के कई अहम मुद्दों पर भी चर्चाएं ज़रुरी है तो सपा महासचिव नरेश अग्रवाल ने आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दी जिससे मणिशंकर अय्यर आगबबूला हो गए इतना ही नहीं बीजेपी के यशवं...

डेमोक्रेसी के गले नहीं उतर रही ब्यूरोक्रेसी

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एसडीएम दुर्गा नागपाल के निलंबन पर देश में एक सियासी उबाल आया हुआ है देश की जनता के साथ सियासी पार्टियां भी दुर्गा नागपाल के निलंबन को गलत बता रही हैं लेकिन यूपी की सपा सरकार ब्यरोक्रेसी के आगे डेमोक्रेसी को झुकाना नहीं चाहती   क्योंकि कहीं न कहीं उसे डर है कि अगर वो आईएएस दुर्गा नागपाल का निलंबन वापस लेती है तो उसकी प्रदेश की जनता के सामने बहुत किरकिरी होगी और हो सकता है कि अब वो किसी आईएएस को डराने और धमकाने में कामयाब भी न हो पाए हम बचपन से सुनते आए हैं कि आईएएस की कलम में ताकत होती है लेकिन अब हमने दुर्गा नागपाल की ताकत भी देख ली है और स्वार्थ के लिए उसका निलंबन भी.. क्योंकि अब देश में आईएएस की कलम नहीं राजनीति की चालें पैनी हो चली हैं। दुर्गा नागपाल पर इतना सियासी घमासान मचा हुआ है कि हर कोई नेता इस घमासान में उतरकर गोता तो लगाना चाह रहा है लेकिन ब्यूरोक्रेसी औऱ डेमोक्रेसी के टकराव को कम करने के बारे में नहीं सोच रहा इस गंगा रुपी सियासी बहस में अब यूपीए की महान अध्यक्षा सोनिया गांधी भी उतर आई हैं औऱ उन्होंने पीएम को एक खत लिखा है ताकि दुर्गा नगपाल को न्याय मिल सके लेकिन कुछ...