आंखों के आंसू बताएंगे कि देश क्या चाहता है
पाकिस्तान ने देश की सीमा में घुसकर पांच सैनिकों की हत्या
की तो देश की आवाम में उबाल देखने को मिला लेकिन उबाल नहीं दिखा तो सिर्फ देश की
सरकार में देश का विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय अब भी पाकिस्तान के जबाव का
इंतजार कर रहा है और इंतजार कर रहा है पाकिस्तान के शांति
प्रस्ताव का, जबकि पाकिस्तान ने इस हमले के ठीक एक दिन बाद फिर से सीज़फायर का
उल्लंघन किया है इतना ही नहीं पांच जवानों की शहादत पर पाकिस्तान का ये बयान कि
भारतीय सेना उसके क्षेत्र में घुस आई थी वाकई पाकिस्तान की नीयत में खोट दर्शाता
है लेकिन देश की सरकार फिर भी चुप है जिन परिवारों ने अपने जाबांज बेटे खोए हैं
कोई उनसे पूछे कि वो क्या चाहते हैं उस मां से पूछे जो अपने बेटे पर गर्व तो महसूस
कर रही है लेकिन आंखें नम है तो सिर्फ इसलिए कि उसके बेटे की मौत का बदला कोई लेने
वाला नहीं है वहीं बिहार की सरकार ने अपने राज्य के चार जवानों के परिवार को 10
लाख की आर्थिक सहायता के साथ ही हर संभव मदद देने की बात कही है लेकिन एक शहीद के
परिवार ने उसे वापस कर दिया ये कहकर कि उसे मुआवजा नहीं बदला चाहिए, इधर दिल्ली
में जवानों को श्रद्धांजली दी जा रही थी और उधर संसद भी गर्मा रही थी लेकिन अंतर
सिर्फ इतना था कि शहादत को श्रद्धांजली देते समय देश की आवाम, सेना के जवानों और
अधिकारियों की आंखें नम थीं और गुस्सा था पाकिस्तान पर... लेकिन संसद में गुस्सा
दिखा तो सिर्फ रक्षा मंत्री एंटनी के बयान पर और माफी की बात पाकिस्तान से नहीं
एंटनी से की जा रही थी हमने ये कोई पहली बार देश के सपूत नहीं खोए हैं
पाकिस्तान की नापाक हरकतों से हम कई बार देश के सपूतों का बलिदान देश के लिए देखते
रहे हैं लेकिन पाकिस्तान से सिर्फ शांति की अपील ही करते हैं और पाकिस्तान उसे एक
कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देता है और फिर कभी सरहदें खून से लाल होती हैं
या फिर देश की सड़कें आतंकवादियों के बम धमाकों से कराह उठती हैं लेकिन हमारी
सरकार फिर भी बात करती हैं तो सिर्फ शांति की ये हमारी कमजोरी नहीं तो और क्या है ।
Shashank.gaur88@gmail.com
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