राहुल के “भूचाल” से विदेश में हिल गए पीएम !

राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार का लाया अध्यादेश बकवास है और इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए तो मानो सियासी गलियारों में भूचाल आ गया और इस सियासी भूकंप की तीव्रता इतनी थी कि इससे यूएन बैठक में गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक हिल गए, और ये भी सच है कि पीएम मनमोहन सिंह राहुल गांधी के बयान से हैरान और परेशान साथ ही नाराज़ ज़रुर हुए होंगे क्योंकि फजीहत उनकी ही कैबिनेट की हुई है जिसके बाद उन्हें युएन से ही भारत संदेश भेजना पड़ा है कि अध्यादेश के बारे में स्वदेश लौटकर कैबिनेट में चर्चा करेंगे लेकिन एक सच और भी है कि राहुल गांधी का कद पार्टी में इतना बड़ा है कि वो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी बौना कर देता है और वैसे भी प्रधानमंत्री साहब तो पहले ही कह चुके हैं कि राहुल गांधी के अंडर में उन्हें काम करने में खुशी होगी... तो ज़ाहिर है कि इस बयान के बाद ऑरग्यूमेंट का तो सवाल ही नहीं उठता और अब हालत ये है कि राहुल गांधी के बयान के बाद पहले तो कैबिनेट मंत्री अजय माकन ने पलटी मारते हुए कहा कि राहुल का बयान कांग्रेस पार्टी का बयान है और उसके बाद संसदीय कार्य मंत्री राजीव शुक्ला ने भी थोड़ी सी खीझ निकालते हुए बयान दिया कि राहुल गांधी ने जो कहा है वो हमारा बयान है हम राहुल गांधी के पीछे हैं  राहुल के बयान के बाद सिर्फ ये कैबिनेट मंत्री ही नहीं जागे हैं खुद प्रधानमंत्री भी जाग गए हैं उनका भी ये बयान है कि राहुल ने जो कहा उसको हम फॉलो करेंगे तो अब सवाल उठने लाज़मी हैं कि क्या प्रधानमंत्री साहब पहले राहुल गांधी को फॉलो नहीं कर रहे थे या अब पॉलिटिक्स को क्राइम के डंक से बचाने के लिए उनकी आंखें खुल गई हैं क्योंकि बात अब राहुल की जुबान की है जो पता नहीं कि पहले से तय थी या फिर पार्टियों के राष्ट्रपति महोदय के पास पहुंचने पर खींझ के तौर पर निकल गई ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन अब देखने वाली बात तो यही है कि राहुल के बयान के बाद प्रधानमंत्री साहब की देश लौटने के बाद क्या टिप्पणी होगी क्योंकि ज़ाहिर है वो राहुल की अचानक निकली अर्न्तआत्मा की आवाज़ का भी पक्ष लेंगे और कैबिनेट की गल्ती पर पर्दा डालने के लिए एक नई पटकथा भी लिखेंगे।
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