अपने आप को “भारतीय” समझो बुखारी साहब !

हिन्दुस्तान में रहने वाले हर धर्म के लोगों का मजहब सिर्फ हिन्दुस्तानी है तो पाकिस्तान पर उंगली उठाने पर चंद कुछ लोगों का खून क्यों खौल जाता है क्या वे अपने आप को हिन्दुस्तानी नहीं मानते या हिन्दुस्तान में रहकर सिर्फ पाकिस्तान की बात करते हैं एक बात मुझे समझ नहीं आती जब हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली जैसे विस्फोटों की आंच पाकिस्तान तक गई तो क्यों हिन्दुस्तान के चंद कुछ मुस्लिम इसे मुस्लिम विरोधी करार देते हैं क्या ये सच नहीं है। कि भारत में हुए हर आतंकवादी गतिविधियों में सिर्फ पाकिस्तान का ही हाथ होता है अगर ये सच नहीं है तो क्यों एनआईए और रॉ जैसी प्रमुख इंटेलीजेंस एजेंसियों ने सिर्फ पाकिस्तान के संगठनों के हाथ होने के सबूत दिए हैं। मैं अपने मुस्लिम भाइयों को बता दूं कि ये एक इत्तिफाक है कि पाकिस्तान एक मुस्लिम राष्ट्र है अगर वो हिन्दू राष्ट्र या ईसाई राष्ट्र भी होता तो भी उंगली उतनी ही उठती जितनी अब उठ रही है फिर क्यों हिन्दुस्तान में रहने वाले मुसलमान उस इंडियन मुजाहिद्दीन का इतना साथ देते हैं जो भारत में कत्लेआम का जिम्मेदार है भारत में रहने वाले हर नागरिक का कर्तव्य है कि वो भारत में शान्ति अमन बनाए रखे ताकि भारत हर लम्हों पर सभी राष्ट्रों के लिए एक सबक हो । मुझे बहुत अफसोस हुआ जब जामा मस्जिद इतनी पाक जगह के अध्यक्ष सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि हर बार इंडियन मुजाहिद्दीन पर उंगली उठाना ठीक नहीं मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आखिर क्यों, उस पर उंगली न उठाई जाए वो उनका क्या रिश्तेदार लगता है और लगता है तो जब भारत की सरकार ने उसे आतंकवादी और भारत का दुश्मन घोषित कर दिया है तो उससे सभी दोस्ती और रिश्तेदारी खत्म कर देनी चाहिए, क्या मतलब है उससे दोस्ती रखने का । क्या बुखारी साहब भूल गए कि भारत में हुए हर आतंकवादी गतिविधियों में सिर्फ उसी का हाथ निकलता है फिर वो भारत की उस मुस्लिम आवाम को क्यों भटकाना चाहते हैं जो सिर्फ भारत के बारे में ही सोचती है। कुछ राजनीति के लिए देश के साथ गद्दारी करना किसी भी राजनीति औऱ धार्मिक पंडित और इमाम के लिए शोभा नहीं देता, भारत एक धर्मनिर्पेक्ष देश है ये सब जानते हैं लेकिन उसकी कुछ मर्यादा भी हैं उसे पूरा करना भी हर नागरिक का कर्तव्य है हिन्दुस्तान में रहने वाला हर हिन्दुस्तानी सबसे पहले एक भारतीय है उसके बाद उसका मजहब है लेकिन चंद कुछ लोग इसे मजहब न समझकर एक ढोंग करार देकर देश की आवाम को भटकाने की साजिश करते हैं मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आखिर क्यों, क्या भारत हमारा नहीं, जिस देश में हम रह रहे हैं उस देश से हम गद्दारी कैसे कर सकते हैं मैं तो सैयद अहमद बुखारी साहब को बहुत इज्जत देता था लेकिन जब मैने उनका ये बयान सुना तो मैं खुद चौंक गया कि वो ऐसा कैसे कह सकते हैं उन्होंने कहा कि अगर इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ है तो भारतीय एजेंसियां इस बात का सबूत पेश क्यों नहीं करती, तो क्या अहमद बुखारी साहब को भी एक खत लिखकर सबूत दिखाने पडेंगे कि जी इंडियन मुजाहिद्दीन ही है जिसने इतने निर्दोषों की जान ली है, ये तो सब जानते हैं कि इंडियन मुजाहिद्दीन एक एसा संगठन है जो भारत के खिलाफ ही लोगों को खड़ा करता है और उन्हें उकसाता है कि भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ो, और भारत के कुछ प्रतिष्ठित लोग हैं जो उसके चरण धोकर पीते हैं शर्म आनी चाहिए जो देश की आवाम के खून का जिम्मेदार हो एक बार नहीं हमेशा से उसे तो पकड़कर सिर्फ फांसी बल्कि फांसी से भी बढ़कर कोई सजा दी जानी चाहिए। कोई राष्ट्र विरोधी दोस्त नहीं सिर्फ दुश्मन ही हो सकता है चाहे वो हिन्दुस्तानी हो चाहे किसी और राष्ट्र का नागरिक हो।  

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