मै तो तेरे प्यार में गरीब हो गया ए आदम.......


मैं तो तेरे प्यार में गरीब हो गया ए आदम
मुफलिसी में भी खयाल तेरा आ ही जाएगा
शायद न भूल पाउं उन यादों की किश्ती को
लेकिन यादों के खयालों में ये दिल ज़रुर रो जाएगा
पर ये न समझना कि दु;खी हूं मैं खयालों से
ये भी न समझना कि परेशान हुं में जज्बातों से
यकीन है कि दिल की आवाज को तु फिर न समझ पाएगा
फिर भी हम सुनते रहे हैं शान ए मुहब्बत अक्सर
कोई भुल कर कभी हमें ज़रुर पछताएगा



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