अब नेताओं को ‘सपनों’ में भी डरा रही है सीबीआई !
जेबीटी
शिक्षक भर्ती घोटाले में हरियाणा के कद्दावर नेता ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे
अजय चौटाला के साथ 51 अफसरों को सजा क्या मिली कि सभी नेताओं के कान खड़े हो गए
हैं घोटाले बाज नेताओं को अब अपनी भी फिक्र सताने लगी है और सीबीआई का भूत हर किसी
के सिर पर चढ़कर बोलने लगा है सूत्रों की मानों तो आजकल हालात तो ये बन गए हैं कि
नेता सीबीआई हेडक्वार्टर के सामने से भी अब निकलने से कतराने लगे हैं कि कहीं
सीबीआई की छाया उन पर भी न पड़ जाए... डर उनका वाकई वाजिब है भईया देश के इतिहास
में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी बड़े नेता को 10 साल की सजा मिली है वो भी राज्य में
विपक्ष का नेता हो साथ ही छ दिन से लेकर छ साल तक मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान
रहा हो ये इतना बड़ा सबक है उन नेताओं के लिए जो कानून को अपनी जेब में रखकर घूमते
हैं हालांकि ये सजा 13 साल बाद ज़रुर मिली लेकिन ये क्या कम है कि किसी सियासतदान
घोटालेबाजी में तो फंस गया औऱ अदालत ने उसे सजा भी सुना दी वैसे चौटाला परिवार पर
पहले से ही कई घोटालों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन ये घोटाला है कि
किस्मत खराब होने के चलते और सत्ता में न रहने की वजह से खुल गया वर्ना तो ऐसे कई
घोटाले हैं जो आज तक सामने आए ही नहीं आए इसलिए उनकी परतें खुली ही नहीं लेकिन इस
आरोप ने तो चौटाला की पूरी ज़िदगी की राजनीति पर ग्रहण लगा दिया. साथ ही उनके बेटे
अजय चौटाला की राजनीति भी जवानी में ही घोटाले की भेंट चढ़ गई अब जब तक अदालत का
फैसला रद्द नहीं होता है तब तक वो कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। अमूमन ये होता है
कि किसी भी घोटाले बाज का केस या तो कोर्ट में सालों तक लटका रहता है या फिर सत्ता
में रहने के चलते कभी मामला सामने ही नहीं आता या दबा दिया जाता है लेकिन चौटाला
परिवार के सजा के फैसले से उन घोटालेबाज सियासत दानों को ज़रुर सबक मिला होगा जो
ये सोचते हैं कि कानून तो उनकी जागीर है साथ ही एक और सवाल जो मुझे सोचने पर मजबूर
कर देता है कि चौटाला को समर्थन देने पहुंची इस देश की जनता को चौटाला में एक
घोटालेबाज क्यों नहीं नज़र आता जिन लोगों ने चौटाला परिवार की सजा के खिलाफ इतना
हो हल्ला मचाया,
क्या वे सभी विदेश से आए थे या
उनकी आंखों पर पर्दा पड़ा था क्या वो नहीं जानते कि उनके नेता ने देश का कितना खून
चूसा है कितने घोटाले किए हैं तो आखिर इतना प्रदर्शन क्यों, मैं तो उन लोगों से कहना चाहुंगा कि देश की तरक्की के
समर्थक बनो न कि किसी नेता के चमचे। देश तरक्की करेगा तो हमारी आप सबकी तरक्की
होगी किसी नेता की जेब भरने से सिर्फ उसकी तरक्की ही संभव है किसी समर्थक की नहीं
।
Shashank.gaur88@gmail.com
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